भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस द्वारा ईवीएम की सुरक्षा में गड़बड़ी के आरोपों पर चुनाव आयोग का बचाव करते हुए कांग्रेस पर हमला करते-करते आयोग की सख्ती पर ही सवाल खड़ा कर दिया. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि चुनाव आयोग ने आचार संहिता के पालन के अतिरेक में कई बार अमानवीयता भी की.

राज्य में मतदान के बाद मुख्यमंत्री चौहान की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की मीटिंग बुलाई गई. उसके बाद चौहान ने कैबिनेट की बैठक को लेकर कहा कि यह बात सही है कि सरकार कोई नीतिगत फैसले नहीं ले सकती मगर यह भी नहीं हो सकता कि रूटीन के काम भी न हों.

संदेह का माहौल बना रही कांग्रेस
कांग्रेस संवैधानिक संस्था चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही है, कांग्रेस अफसरों पर दवाब बनाना चाहती है. जहां तक आयोग की सख्ती की बात की जाए तो आयोग ने भाजपा पर ज्यादा सख्ती की है. चौहान ने अधिकारियों और आयोग की आचार संहिता के नाम पर की गई कार्रवाईयों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर तरफ संदेह का वातावरण बनने में लगी है, चुनाव का मजाक बनाने की कांग्रेस कोशिश कर रही है.

सख्ती तो हमारे साथ
शिवराज बोले, ''दूसरी तरफ कहूं तो अधिकारियों और आयोग ने ज्यादा सख्ती की तो भाजपा के साथ की, आचार संहिता का पालन कराने के अतिरेक में आयोग ने कई बार अमानवीयता की. सीएम चौहान ने कहा कि मेरे मित्र, साथी व कार्यकर्ता रघुवीर दांगी की विदिशा में मृत्यु हुई, अंतिम संस्कार में जाना चाहता था, 27 नवंबर को अनुमति नहीं दी और आयोग ने कहा कि आप दूसरे विधानसभा क्षेत्र में नहीं जा सकते.''
कांग्रेस द्वारा ईवीएम में गड़बड़ी को लेकर लगाए जा रहे आरोपों के सवाल पर चौहान ने कहा कि कांग्रेस प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाने का प्रयास कर रही है, चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा करके आखिर किसका भला होने वाला है, संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर भरोसा कायम रहे यह सभी का कर्तव्य है.

आरोपी पर ली चुटकी
कांग्रेस के आरोपों पर चुटकी लेते हुए चौहान ने कहा कि इन आरोपों से स्पष्ट होता है कि कांग्रेस को अपनी जीत का विश्वास नहीं है और वे हार की पहले ही भूमिका तैयार कर रहे हैं. इसके साथ ही प्रशासन को दबाव में लाने की कोशिश की जा रही है. यह स्थिति किसी भी तरह से अच्छी नहीं है.