रायपुर। वाणिज्यिक-कर (आबकारी) मंत्री कवासी लखमा ने विभागीय अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है कि शासकीय शराब दुकानों में ओव्हर रेट पर शराब बेचने की शिकायत मिलने पर त्वरित जांच की जाए। श्री लखमा ने अधिकारियों को सचेत किया है कि ओव्हर रेट की शिकायतों को गंभीरता से संज्ञान में लिया जाएगा और जांच में ऐसी शिकायतों के प्रमाणित होने पर जिम्मेदारी तय कर दोषी वरिष्ठ आबकारी अधिकारियों पर नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
श्री लखमा आज अपरान्ह यहां आबकारी भवन में आयोजित विभागीय अधिकारियों की राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उनकी अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वाणिज्यिक-कर (आबकारी) विभाग के सचिव-सह-आयुक्त निरंजन दास, विशेष सचिव ए.पी. त्रिपाठी, अपर आयुक्त पी.एल. वर्मा और आर. के. मंडावी सहित मुख्यालय रायपुर के उपायुक्त, सहायक आयुक्त तथा प्रदेश के विभिन्न जिलों के जिला आबकारी अधिकारी, सहायक आबकारी अधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 
आबकारी मंत्री श्री लखमा ने अधिकारियों से शराब दुकानों की जिलेवार स्थिति की भी विस्तृत जानकारी ली। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में वर्तमान में 341 देशी और 313 विदेशी शराब दुकानों का संचालन किया जा रहा हैं। श्री लखमा ने बैठक में राजस्व प्राप्ति की वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को राज्य के सीमावर्ती जिलों में अन्य प्रदेशों से अवैध शराब की आवक रोकने के लिए लगातार चौकस रहने और इस प्रकार की अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों की धर-पकड़ के लिए त्वरित कदम उठाने के भी निर्देश दिए। 
आबकारी मंत्री ने कहा कि अवैध शराब के मामलों में नियमानुसार आपराधिक प्रकरण दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। कॉलसेन्टर में मिलने वाली शिकायतों को भी तत्काल संज्ञान में लिया जाना चाहिए। आबकारी सचिव निरंजन दास ने बैठक में मंत्री महोदय को बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप विभाग द्वारा सभी जिलों में शराब के अवैध कारोबार की रोकथाम के लिए पूरी सतर्कता बरती जा रही हैं। आबकारी भवन पहुंचने पर कवासी लखमा को आयुक्त  निरंजन दास और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्प गुच्छ भेंटकर उनका स्वागत किया। 
विभागीय मंत्री श्री लखमा की बैठक के पहले पूर्वान्ह में आबकारी आयुक्त श्री दास ने भी अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शराब दुकानों में अहाता संचालन की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। किसी भी शराब दुकान में 50 मीटर की परिधि में अहाता संचालन नहीं होना चाहिए। उन्होंने जिला आबकारी अधिकारियों से कहा कि अहाता संचालन के बारे में मिलने वाली ऐसी शिकायतों को तत्काल संज्ञान में लेकर नियमों के तहत संबंधितों पर कार्रवाई की जाए और अगर कहीं 50 मीटर के भीतर अहाता चल रहा हो तो उसे तत्काल हटवाया जाए। अवैध शराब की धर-पकड़ के लिए सभी मैदानी अधिकारी स्थानीय पुलिस के साथ भी समन्वय बनाकर काम करें।
श्री दास ने कहा कि सभी जिला आबकारी अधिकारी, सहायक आबकारी अधिकारी और आबकारी निरीक्षक अपने-अपने कार्य क्षेत्रों में शराब दुकानों का नियमित रूप से तथा आकस्मिक रूप से भी निरीक्षण करें। आबकारी आयुक्त ने बैठक में विभाग में लंबित पेंशन प्रकरणों की भी समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में सात पेंशन प्रकरण लंबित है। श्री दास ने संबंधित अधिकारियों को उनका निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ करने के निर्देश दिए।