नई दिल्ली: झारखंड में एक मुस्लिम युवक की पीट-पीटकर हत्या का मामला बुधवार को लोकसभा में उठा और कुछ सदस्यों ने केंद्र से राज्य सरकार को इस मामले में कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग की. वहीं, आज राज्यसभा में पीएम मोदी ने अपने भाषण में झारखंड में हुए मॉब लिंचिंग पर भी बात की और कहा, 'झारखंड में युवक की हत्या के मसले पर बोलते हुए उन्‍होंने कहा कि इस तरह की घटना का दुख सबको है. दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. लेकिन पूरे झारखंड राज्य को बदनाम करने का हक नहीं है. अपराध होने पर इसका उपाय कानूनी प्रक्रिया है. हिंसा में दुनिया में टेरररिज्म की घटनाओं से सबसे ज्यादा नुकसान अच्‍छे आतंकवाद और बुरे आतंकवाद ने किया है. राजनीति स्कोर के लिए बहुत से क्षेत्र हैं. हम अपने दायित्व को निभाएं. '

वहीं, शून्यकाल में इस विषय को उठाते हुए कांग्रेस की सांसद गीता कोड़ा ने आरोप लगाया कि झारखंड में एक युवक की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या का मामला सामने आने के बाद साबित हो गया है कि राज्य में कानून व्यवस्था चरमरा गयी है.

उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि राज्य सरकार को न्याय सुनिश्चित करने का और आरोपियों पर कार्रवाई का निर्देश दिया जाना चाहिए. तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने भी इस विषय को उठाया. आपको बता दें कि तबरेज की मौत के मामले में पोस्टमार्टम में मौत के कारणों का नहीं पता चल पाया है. इसके बाद बिसरा को जांच के लिए रांची भेजा गया है जिसकी रिपोर्ट 15 दिनों के बाद आएगी. रिपोर्ट में ही पूरे मामले का खुलासा होगा कि आखिर मौत किन कारणों की से हुई है.  


फिलहाल और भी कई बिंदुओं पर जांच चल रही है कि जब तबरेज फिट था तो अचानक उसकी मौत कैसे हो गई. वहीं, मंंगलवार को राज्य अल्पसंख्यक आयोग की टीम तबरेज के घर और उसके गांव पहुंची जहां इस वारदात को अंजाम दिया गया था. वहां टीम ने सिलसलेवार ढंग से कई मुद्दों पर लोगों से बात की.