नो दिन चले अढ़ाई कोस वाली कहावत काँग्रेस और उनके गाँधी परिवार गुलामों के लिए मुफ़ीद बैठती है।जिस   महिला ने पद त्याग करते हुए,युवराज की ताजपोशी के समय जो कहा वह शायद cwc के कथित काँग्रेस के सदस्यों को याद नहीं ,देश को याद है जब उन्होंने कहा था""अब रिटायरमेंट का वक़्त आ गया है"टायर्ड कांग्रेसियों से उम्मीद कैसे की जा सकती है कि वह यह सब याद रखे,फेल अध्यक्ष को तो वे ऐतिहासिक सिद्ध करने में जुटे रहें हैं ।
जी हुजूरी के शोरगुल में काँग्रेस को अपने पैरों पर खड़े होने, मरी हुई आत्मा में अंतर-आत्मा के पुनर्वास का मौका गंवा दिया।
कभी अंतरआत्मा की आवाज लगाने वाली इंदिराजी ने कांग्रेस की मूल आत्मा का तो गला उसी दिन घोंट दिया था  जब संगठन के उम्मीदवार नीलम संजीव रेड्डी को हराकर वी .वी. गिरी को अंतरात्मा की आवाज  लगवाकर अपना राष्टपति बनवाया था,आज cwc ने  उसका अंतिम संस्कार कर सिध्द कर दिया कि गांधी परिवार नहीं होगा तो काँग्रेस खत्म हो जाएगी।
आज जब देश की बात चल रही है, और पार्टी विदेशी के हाथ में दी जा रही है। वाह!कांग्रेस ,कितने बौने हैं वे लोग जिनमें पुरुषार्थ बचा नहीं गांधी परिवार की गुलामी से इतर सोचने का माद्दा समाप्त हो चुका है ,तभी तो जिसे देश ने नकार दिया, उसे महिमा मण्डित कर आरती उतार कर ऐतिहासिक बता रहें है ,सही भी है राहुल ऐतिहासिक अध्यक्ष साबित हुए जो खुद परम्परागत सीट हारे 2 अंको से ज्यादा ताकत नही बढ़ा पाए ,और देश के परिप्रेक्ष्य में 17 राज्यों में  खाता नहीं खोल पाए,तो ये खता राहुल की नहीं बल्कि जनता ने की है।यही सोचके cwc कवच बन गई और गांधी परिवार की केंचुल भी नहीं उतरी।
अद्भुत काँग्रेस है जिसे देश की जनता की नब्ज पर हाथ नहीं ,तभी तो कश्मीर को अब भी समस्या मान अंतरिम अध्यक्ष इसलिए बनाया की देश संकट में है ।कौन सा बैरोमीटर और सोनोग्राफी की मशीन काँग्रेस के पास है जो सही रिपोर्ट समझ नही पा रही और देश की जनता की आवाज का रूपांतरण अपनी मंशा के अनुरूप कर रही है।

कांग्रेस ने अंतरिम अध्यक्ष के बहाने अंतिम अध्यक्ष चुन लिया।सोनिया जी की बलाइंया लो ,आरती उतारो,मंगल चौक पुराओ ,क्योंकि अब यह सावन आपके लिए कभी हरा नहीं होगा कांग्रेसियों।देश तो आपको नकार ही चुका है, क्योंकि जब आप अपनी पार्टी की बेहतरी किसमे है (सिंधिया,पायलट ,वासनिक)यह नहीं जान सके तो देश के बारे में क्या ख़ाक सोचोगे,जनता और अच्छी तरह समझ गई है, यह भी वक़्त बताएगा।

 गोविंद मालू
 पूर्व उपाध्यक्ष खनिज विकास निगम