म.प्र.का  जिला-भिंड सबसे पिछड़ा जिला आखिर क्यों------?

           अपने ग्रह जिला व नगर भिंड के विकास पर बहुत ही

अफशोस के साथ लिखना पड़ रहा है कि आजादी के सात दसक

बीत जाने के उपरान्त आज भी चम्बल सम्भाग जिला-भिंड

ग्वालियर जिला से विकास के क्षेत्र में तकरीबन 50 वर्ष पिछड़ा हुआ है आखिर इसके लिये कौन जिम्मेदार है और कौन-राजनेता
इसकी जिम्मेदारी लेने के लिये आगे आयेगा आज भी भिंड जिले
की जनता जीवन की मूलभूत सुबिधाओं से बेदखल है
                मुझे याद है पिछले चार दसक पहले भिंड शहर के अन्दर राजेन्द्र पार्क-गांधी पार्क-चन्द्रशेखर पार्क जीवंत हुआ करते थे एवं रोमांचित रंगमंच से सुसज्जित मेला जो कई प्रांतों से आये व्यापरी भिंड मेला को भव्यता प्रदान करते थे और निराला स्टेडि यम में मेला के दौरान खेल-कूद जैसी बिभिन्न प्रतियोगितायें आयोजकों  द्वारा आयोजित की जाती थी जो एतिहासिक मिसाल हुआ करता था जबकि उस वक्त चम्बल में डाकुओं का काफी आतंक था

               आजादी से लेकर वर्तमान में दो ही राजनेतिक पार्टीयों भा. ज. पा. वा कांग्रेस की सरकारों व इन्ही पार्टी के राजनेताओं ने राजसत्ता का भरपूर सुख भोगते हुये विकास को दरकिनार कर लोकधन डकुओं की तरह लूटा और विकास के नाम पर जन भवनाओं से खेलते रहे और आज भी खेल रहे हैं अब तो हाल ये है कि ज्यादातर वार्ड पार्षद व जनप्रतिनिधि अवैध शराब का कारोबार कर जिले के युवाओं को शारबी बनाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं शहर के सभी पार्क उजड़ गये शहर में जल निकास के सभी साधन समाप्त व ध्वस्त हैं वर्तमान नगरपालिका भ्रस्टाचार की भेंट चड़ी हुई है सम्पूर्ण जिला भिंड अतिक्रमण की

चपेट में है जिले का युवा बेरोजगारी के चलते पलायन को मजबूर हैं अपराध और अपराधी फल-फूल रहे हैं
                 मुझे ऐसा लगता है कि जिले की आम जनता को 
अपने क्षेत्र के विकास के लिये बहुत  बड़े राजनेतिक बदलाव की

जरूरत है जिसके लिये हम सबको अपनी सोच को बदलना होगा जिसके लिये जिले की आम जनता के साथ-साथ युवा-शक्ति को आगे आकर नई क्रान्ती की शुरुआत करनी होगी तब हम अपनी आने वाली नई पीड़ी को नया विकास-शील चम्बल और जिला भिंड दे पायेंगे------------कर्मठ-जागरुक-संवेदनशील और निर्भीक होकर अपने क्षेत्र के विकास और अपनी आने वाली पीड़ी के उज्जवल भविष्य के लिये अपना अमूल्य मत देकर अपना प्रतिनिधि बनाने का फैसला करें----------धन्यवाद !