नागपुर। केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने शनिवार को कहा कि अनुच्छेद-370 आतंकियों और उनके संरक्षकों की ढाल बन गया था। सरकार ने देश के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर की जनता के हित में इस पर फैसला लिया है। वह महाराष्ट्र के नागपुर में राज्य कानूनी सेवा प्राधिकारियों की 17वीं अखिल भारतीय बैठक के उद्घाटन से इतर पत्रकारों से बात कर रहे थे।

जम्मू-कश्मीर प्रगति करे

कानून मंत्री ने कहा, 'हमें समझना चाहिए कि यह एक अस्थायी प्रावधान था और इसे देशहित में हटाया गया है। हम हमेशा देश और जम्मू-कश्मीर के लोगों की सुरक्षा के लिए प्रयास करते हैं। हम चाहते हैं कि जम्मू-कश्मीर प्रगति करे।'

अनुच्छेद-370 विकास में बाधक

उन्होंने कहा कि अनुच्छेद-370 के रहते न तो वहां भ्रष्टाचार निरोधक कानून लागू होता था, न ही बाल विवाह निषेध कानून। इतना ही नहीं सिर पर मैला ढोने की प्रथा आज भी वहां चल रही थी। आखिर यह कौन सा कश्मीर था? उन्होंने कहा कि स्थिति का जायजा लेने के बाद प्रशासन राज्य में आगे के उपाय करेगा।

पाक की किसी भी हरकत का कड़ा जवाब देंगे

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के इस बयान पर कि भारत पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में बालाकोट जैसा हमला करने की तैयारी कर रहा है, प्रसाद ने कहा कि वह क्या कहते हैं हम इस पर ध्यान नहीं देते। हालांकि पाकिस्तान की ओर से कोई भी कार्रवाई करने पर कड़ा जवाब दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क है और आतंकी गतिविधियों पर उचित जवाब दिया जाएगा।