मंदसौर  भारी बारिश के बाद मंदसौर में गांधी सागर बांध लबालब भर गया है। हालात ऐसे हो गए हैं कि बांध के सभी गेट खोल दिए गए हैं, उसके बावजूद भी बांध के ऊपर से पानी बह रहा है। गांधी सागर बांध पर बने हाइड्रो यूनिट में भी पानी घुस गया है, जिससे बिजली उत्पादन ठप हो गया है। वीडियो में आप देख सकते हैं कि वहां कितनी भयावह स्थिति है।बारिश से 200 गांवों में हालात भयावह कर दिए हैं। बीते शुक्रवार शाम से और रविवार सुबह तक यहां 9 इंच बारिश हुई, जिसके कारण 200 गांवों में कमर तक पानी घुस गया। जिला प्रशासन ने 117 गांवों को खाली करा लिया है। अब तक 20 हजार लोगों को 55 राहत कैंपों में पहुंचाया जा चुका है।


गांधी सागर बांध के ओवरफ्लो होने के बाद उस इलाके में आवाजाही रोक दी गई है। बांध से पानी छोड़ने के बाद दर्जनों गांव में पानी घुस गया है। गांव से हजारों लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। उस इलाके में एनडीआरएफ की टीम भी तैनात कर दी गई है। जिला प्रशासन के वरीय अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। साथ ही अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील कर रहे हैं।

मंदसौर एसपी हितेश चौधरी ने कहा कि गांधीसागर बांध की ओर आवाजाही सुरक्षा कारणों के चलते बंद की गई है, बांध को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। इसके साथ ही गरोठ क्षेत्र में बांध का पानी फैलने के बाद 12 गांव खाली कराए जा रहे है। 5 गांव में पानी प्रवेश कर गया है तो शेष में भी पानी तेजी से गांव की ओर बढ़ रहा है। संजीत इलाके में भी 6 गांव को अलर्ट कर दिया गया है, एसडीआरएफ की टीमें गांव पहुंच रही है, पुलिस और स्थानीय अमला भी गांव में तैनात हो गया है।

बंजारी गांव पूरी तरह खाली करा लिया गया है, गरोठ क्षेत्र में करीब एक हजार लोगों को अब तक सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर भेजा गया है। प्रशासन ने राहत कैंप लगाने की शुरूआत कर दी है, भोजन एवं पानी के साथ ठहरने के लिए शासकीय स्कूल और आंगनवाड़ी खुलवाए जा रहे है।

प्रशासन ने बताया कि बांध के सभी 19 गेट खेल दिए गए हैं। प्रशासन के अुनसार, पानी पेनस्टॉक गैलरी के ऊपर से बह रहा है। गांधी सागर बांध पर स्थित पानी से बिजली बनाने वाले पावर स्टेशन में पानी घुसा है। कर्मचारियों को रेस्क्यू कर बाहर निकालसा गया है। प्रशासन का कहना है कि बांध की पुलिया की रेलिंग क्षतिग्रस्त हुई है। बांध खतरे के निशान से ऊपर है जिस कारण से 50 से ज्यादा गांवो में घुसा पानी घुस गया है। पानी घुसने के कारण कई गांवों को खाली करा लिया गया है।