झारखंड में नए मोटर व्हील एक्ट को लेकर 13 सितंबर को जो सर्कुलर जारी हुआ था उस पर राज्य के परिवहन मंत्री सी पी सिंह ने स्थिति स्पष्ट की है. परिवहन मंत्री के मुताबिक कोई शराब पीकर या तेज़ रफ्तार से वाहन चलाता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा.
    मंत्री बोले- तीन महीने का जागरूकता अभियान चलाया जाएगाछूट सिर्फ उन्हें दी जाएगी जिनके कागज़ात पूरे नहीं हैं

झारखंड में नए मोटर व्हील एक्ट को लेकर 13 सितंबर को जो सर्कुलर जारी हुआ था उस पर राज्य के परिवहन मंत्री सी पी सिंह ने स्थिति स्पष्ट की है. परिवहन मंत्री के मुताबिक कोई शराब पीकर या तेज़ रफ्तार से वाहन चलाता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा. ऐसे ही अगर कोई दुपहिया वाहन बिना हेलमेट के चलाता है या उस पर दो से ज्यादा लोग सवार होते हैं तो उनसे भी कोई नरमी नहीं बरती जाएगी.

परिवहन मंत्री सिंह ने साफ किया कि छूट सिर्फ उन्हें दी जाएगी जिनके कागज़ात पूरे नहीं हैं, उन्हें तीन महीने की राहत दी गई है. लेकिन जो क़ानून तोड़ रहे हैं उन्हें ऐसी कोई छूट नहीं है.

झारखंड सरकार की ओर से सर्कुलर में कहा गया था कि राज्य में लोगों को ट्रैफिक नियम बताने के लिए तीन महीने का जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास ने भी जनता से अपील की थी कि वे यातायात नियमों का अनुपालन करें, वाहनों को खतरनाक ढंग से ना चलाएं और सड़क पर वाहन चलाते हुए अपनी और दूसरे की जीवन की सुरक्षा करें.

राज्य सरकार ने मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के प्रावधानों को लागू किए जाने के कारण राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आम नागरिकों को हो रही दिक्कतों की समीक्षा की थी. इसके बाद परिवहन विभाग के सभी एनफोर्समेंट एजेंसी और यातायात पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आम नागरिकों को नियमों को समझाने में मदद करें.
झारखंड के परिवहन मंत्री सी पी सिंह ने इंडिया टुडे से इस मुद्दे पर 11 सितंबर को भी बात की की. तब परिवहन मंत्री ने माना था कि नए मोटर व्हीकल एक्ट में जुर्माना बहुत ज्यादा है और लोगों के लिए परेशानी वाला है. सिंह ने तब कहा था कि रजिस्ट्रेशन, प्रदूषण नियंत्रण सर्टिफिकेट और अन्य उल्लंघनों पर जुर्माने की समीक्षा की जाएगी.