नई दिल्ली । ई सिगरेट और ई हुक्का पर प्रतिबंध लगने के बाद सरकारी तंत्र अब आगे की कार्रवाई में जुट गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम अधिसूचना लाने के लिए तैयारी कर रही है। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद दो हफ्ते में सभी राज्यों तक इस बाबत सूचना भेज दी जाएगी। इसमें कानून किस दिन से लागू होना है, इसका भी जिक्र होगा। हालांकि तब तक के लिए व्यापारी ई सिगरेट और ई हुक्का से जुड़े तमाम उत्पादों का भंडारण नजदीकी पुलिस थाने में जमा करा सकते हैं। करीब एक महीने का वक्त इसके लिए मिल सकता है। दिल्ली तंबाकू नियंत्रण अधिकारी डॉ. बीएस चरण बताते हैं कि किसी भी कानून के लागू होने से पहले एक निश्चित वक्त तय किया जाता है। ताकि उस कानून पर अमल की तैयारी हो सके। अभी तक दिल्ली सरकार के पास ई सिगरेट से जुड़ी लिखित जानकारी नहीं आई है। केंद्र से लिखित में जानकारी मिलने के बाद यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि कानून किस दिन से लागू होना है और व्यापारियों को भंडारण हटाने के लिए कितने दिनों का वक्त दिया जाएगा। एक अनुमान है कि एक महीने के भीतर ही व्यापारियों को पूरा भंडारण जमा करना होगा। जबकि तय दिन से विज्ञापन पर रोक लग जाएगी। इसके बाद ई सिगरेट के निर्माण, बिक्री, ट्रांसपोर्ट, प्रचार इत्यादि पर प्रतिबंध लग जाएगा। केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से कैबिनेट के फैसले की जानकारी देने के बाद से सोशल मीडिया पर भी स्वास्थ्य विशेषज्ञों के बीच एक बहस छिड़ चुकी है। इसमें एम्स से लेकर आईसीएमआर तक के विशेषज्ञ भी शामिल हैं। एम्स के एक वरिष्ठ डॉक्टर मानते हैं कि ई सिगरेट पर प्रतिबंध नहीं, बल्कि इसका नियमन होना चाहिए था। जबकि इहबास अस्पताल के एक डॉक्टर का कहना था कि सरकार के इस फैसले का जनता को सहयोग देना चाहिए।