भोपाल । सामान्य वर्ग के आर्थिक कमजोर लोगों को प्रदेश सरकार के निगम-मंडलों और अर्द्धशासकीय संस्थाओं में भी10 फीसदी आरक्षण देने की तैयारी चल रही है। इतना ही नहीं, मेधावी छात्र योजना में छह लाख रुपए की आय सीमा में संशोधन भी किया जा सकता है। इससे संबंधित प्रस्ताव आगामी कैबिनेट में लाने की तैयारी है। मालूम हो कि इसी साल 25 जून से कैबिनेट ने केंद्र के आरक्षण प्रस्ताव में संशोधन कर प्रदेश की शासकीय सेवाओं में 10 फीसदी आरक्षण अनुमोदित किया था। इसमें निगम-मंडलों के बारे में अस्पष्टता थी। मुख्यमंत्री ने ज्यादा से ज्यादा लोगों को आरक्षण का लाभ देने के लिए मंत्रियों से सुझाव मांगे थे। इसी के चलते सामान्य प्रशासन विभाग ने अब निगम-मंडलों में भी इस आरक्षण को लागू करने का प्रस्ताव तैयार किया है। वहीं राज्य सरकार मेधावी छात्र योजना में छह लाख की आय सीमा में संशोधन करने पर विचार कर रही है। फिलहाल 6 लाख आय की सीमा वालों को इसका फायदा मिल रहा है। 
    विशेषतौर पर सातवां वेतनमान लागू होने के बाद प्रदेश के ढाई लाख से ज्यादा शासकीय सेवकों का वेतन वार्षिक 6 लाख रुपए को पार कर गया है। हर साल लगने वाले इंक्रीमेंट से उनका वार्षिक वेतन तय सीमा को पार कर जाता है। इस स्थिति में इसमें वृद्धि की जाएगी।इधर, मेधावी छात्र योजना के मामले में भी संबंधित विभाग से चर्चा की जाएगी।  इस बारे में सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ. गोविंद सिंह का कहना है कि निगम-मंडलों और कोऑपरेटिव संस्थाओं में आर्थिक रूप से सामान्य वर्ग के लोगों को आरक्षण की व्यवस्था नहीं है। इस बारे में परीक्षण करने को कहा गया है। इसे मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद कैबिनेट में लाया जाएगा। साथ ही इस बात को भी दिखवाया जा रहा है कि आखिरकार जब शासकीय सेवाओं में आरक्षण दिए जाने का प्रावधान किया गया तो इसे क्यों नहीं जोड़ा गया।