नई दिल्ली:  केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के द्वारा लाए गए नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में शाहीन बाग में पिछले दो महीने से विरोध प्रदर्शन चल रहा है. अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बुधवार को दो वार्ताकार प्रदर्शनकारियों से बात करने गए. हालांकि पहले दिन बातचीत किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची. अब आज फिर एक बार सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त वार्ताकार संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन शाहीन बाग प्रदर्शनकारियों से बात करने जाएंगे.

बुधवार को जब दोनों वार्ताकार शाहीनबाग पहुंचे तो विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि उनका प्रदर्शन CAA के वापस लेने के बाद ही खत्म होगा. दोनों वार्ताकारों ने शाहीनबाग के लोगों को सुप्रीम कोर्ट का आदेश सुनाया और जगह बदलने की अपील की. अब आज एक बार फिर ये वार्ता जारी रहेगी और प्रदर्शनकारियों से संवाद किया जाएगा.

पहले दिन क्या हुआ

संजय हेगड़े ने वहां मौजूद लोगों से कहा कि हम आप लोगों को सुनने आए हैं और आप लोग आराम से बैठें. हमें कोई जल्दी नहीं है और हम आप की पूरी बात सुनेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने हमको कहा है कि आपसे आकर बात करें और मैं और साधना रामचंद्रन आपसे बात करने आए हैं.

साधना रामचंद्रन ने आते ही शाहीन बाग में मौजूद लोगों का अभिवादन किया और उन्हें नमस्कार कहा. हालांकि उन्होंने लोगों से शांत रहने की अपील करते हुए कहा कि ऐसे माहौल में बात नहीं हो पाएगी.

संजय हेगड़े ने शाहीन बाग प्रदर्शन के मंच से सुप्रीम कोर्ट का फैसला अंग्रेजी में पढ़ा. इसके बारे में साधना रामचंद्रन ने हिंदी में बताया. उन्होंने कहा कि सुप्रीम ने कहा कि आपका आंदोलन करने का अधिकार बरकरार है. कोर्ट ने कहा कि ये बरकरार रहना चाहिए. हम सब की तरह और भी नागरिक है. दो दुकानदार और नागरिक है उनका भी अधिकार है. बच्चों का हक है स्कूल जाना. कोर्ट ने कहा कि सबका हक बरकरार रहना चाहिए.

साधना रामचंद्रन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हमें भेजा है कि आपके साथ मिलकर इसका हल निकालना है. हम ऐसा हल निकालेंगे कि न सिर्फ हिंदुस्तान के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए मिसाल बन जाएगा, इसका पूरा विश्वास है. साधना ने कहा कि बिना मीडिया के बातचीत करेंगे.

बता दें कि शाहीन बाग का प्रदर्शन कालिंदी कुंज रोड पर चल रहा है जो नोएडा और दिल्ली को जोड़ता है. प्रदर्शन के चलते वहां काफी दिनों से कई शोरूम और दुकानें बंद हैं.