भोपाल/ भिंड। प्रदेश के भिंड जिले की  गोहद तहसील में ओला वृष्टि से हुए किसानो की फसल के नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए सरकार के द्वारा आर्थिक सहायता राशि का वितरण कराया गया था जिसके लिए  जिला कलेक्टर के साथ ही सभी राजस्व अधिकारियों के द्वारा ओला वृष्टि के ग्रामों का भौतिक निरीक्षण भी किया गया लेकिन राजस्व अधिकारी कर्मचारियों ने मिल कर करोड़ों रुपए की राशि को आपने चहेते के खातों में दस  से बारह बार राशि का वितरण कर करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार किया गया। जिसकी जांच के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कलेक्टर से जांच करने पत्र लिखा है। प्राप्त जानकारी अनुसार गत वर्ष माह फरवरी 2020 में भिण्ड जिले की गोहद तहसील की लगभग 18 ग्राम पंचायतों हुई ओलावृष्टि के 19457 खातेदारों को कुल 253475333/- रूपये राशि वितरित की गई । अनेक ऐसे ग्रामों में जहां ओलावृष्टि ही नहीं हुई उन ग्रामों के ग्रामवासियों के खातों में फर्जी तरीके से राशि डालकर उन किसानों से 80 प्रतिशत राशि वापिस लेकर बन्दरबांट करली । अनेक ग्रामों के ओलावृष्टि से पीडित किासनों को क्षतिपूर्ति वितरण न कर फर्जी खातेदारों के नाम राशि डालकर हडप ली गई।, ओलावृष्टि के ग्राम कीरतपुरा-माधौगढ़ की राशि ग्राम छटा-करवास के किसानों के बैंक खातों तथा बिना ओलावृष्टि के ग्राम कनीपुरा के किसानों के बैंक खातों में राशि डालकर हड़प ली, ग्राम खरौआ में ओलावृष्टि नहीं हुई फिर भी सेकड़ों किसानों के बैंक खातों में राशि डालकर हडपी गई।
तहसील गोहद में विजयसिंह नाम के एक व्यक्ति को चौकीदार बनाकर सेन्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया शाखा गोहद के खाता कं० 3335297998 जिसका IFSC CODE- CBIN0281174 में माह अगस्त 2019 से 19 जुलाई 2021 तक प्रतिमाह खजाने से राशि आहरण कर खाते में डालकर गबन किया। इसी तरह फर्जी नामों से प्रतिमाह खजाने से राशि का आहरण कर तहसीलदार श्री रामजीलाल वर्मा, क्लर्क परशुराम लहारिया, उपकोषालय गोहद का क्लर्क विकास नायव नाजिर अवध शर्मा द्वारा घोटाला किया गया है। ग्राम खरौआ सहित अनेक ग्रामों के व्यक्तियों के एक ही व्यक्ति के 11 से 12 बार एक ही बैंक खाते में राशि डाली गई। जिनमें अनेक किसानों के पास कृषि भूमि भी नहीं है। उनके खातों में भी राशि डालकर भुगतान की गई। अनेक ऐसे लोगों के नाम से राशि निकाली गई जो नाबालिक है अथवा निजी कम्पनियों में सेवारत है। किसान  रायसिंह पुत्र मायाराम के खाते में 8 बार  ग्याप्रसाद जगतसिंह के खाते में 12 बार, हरेन्द्रसिंह के खाते में 11 बार, शिवचरनसिंह पुत्र जसबत के खाते में 15 बार लाखों रुपयों की राशि डालकर हड़प ली गई। ओला पीडित किसानों को क्षतिपूर्ति वितरण न कर फर्जी किसानों के नाम से घोटाला कर लगभग 10 करोड़ राशि का गबन किया गया है। अनेक ओला पीडित किसानों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा 3 माह पूर्व हुये घोटाला की शिकायतें जिला कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी गोहद आदि राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से अनेकों बार करने के बाद केवल दो पटवारियों को निलम्बित कर घोटाले को दबाने का प्रयास राजस्व अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है। लहार विधायक द्वारा गोहद तहसील में ओलावृष्टि में हुये घोटाले के सम्बन्ध में विधान सभा में प्रश्न लगाने पर भृष्टाचार की गई राशि में से लगभग 1 करोड़ 20 लाख की राशि वसूली गई। जिसमें लगभग 75 लाख रूपये शासकीय कोष 8443-00-101-0000 में चालानों के माध्यम से जमा कराई गई। जिससे यह प्रमाणित होता है कि गबन की गई राशि का पर्दाफाश होने पर घोटाले की राशि जमा कराकर ईमानदारी का उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तथा तहसीलदार द्वारा गठित जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर तहसीलदार ने स्वयं सत्यापन कर राशि स्वीकृत कर भुगतान कराने का आदेश दिया है। क्या यह सत्य नहीं कि अनुविभागीय अधिकारी राजस्व गोहद, तहसीलदार व राजस्व निरीक्षकों ने स्वयं प्रत्येक ग्राम का निरीक्षण किया था। फिर जिन ग्रामों में ओलावृष्टि नहीं हुई उन ग्रामों के किसानों के खातों में राशि वितरण क्यों की गई। अनुमान है कि 25 करोड़ राशि ओलावृष्टि में क्षतिपूर्ति वितरण कर लगभग 10 करोड़ रूपये का घोटाला सभी अधिकारियों की मिली भगत से किया गया है। पूर्व मंत्री व विधायक डा गोविंद सिंह ने  काग्रेस पार्टी तरफ से  मांग की है कि गोहद तहसील में वर्ष 2020 में हुई ओलावृष्टि में क्षतिपूर्ति वितरण की जांच भिण्ड जिले के बाहर के वरिष्ठ अधिकारियों से अतिशीघ्र  कराई जाकर दोषियों को दण्डित किया जावे। जांच शीघ्र न होने पर काग्रेस पार्टी भिण्ड जिले में जन आंदोलन को मजबूर होगी। इस मामले को लेकर एसडीएम गोहद ने मोबाइल पर कोई जवाब नहीं दिया। वहीं कलेक्टर के द्वारा मोबाइल अटेंड नहीं किया गया।