ड्रीमलाइनर के साथ पहले भी बैटरी की समस्या का सामना कर चुकी है एअर इंडिया
नई दिल्ली। बोइंग का 787 ड्रीमलाइनर विमान पिछले 14 वर्ष से दुनिया की कई प्रमुख एयरलाइंस के बेड़े में है और यह पहली बार दुर्घटना का शिकार हुआ है। आइये जानते हैं भारतीय एयरलाइंस के साथ ड्रीमलाइनर के रिश्तों और अब तक के सफर के बारे में।
भारतीय एयरलाइंस के साथ रिश्ता
वर्तमान में एअर इंडिया और इंडिगो एयरलाइंस बी 787 विमान आपरेट कर रहे हैं। एअर इंडिया के बेड़े में 34 बी787 में से 27 बी787-8 पुराने विमान हैं। जुलाई में पहले बी787-8 को रेट्रोफिट के लिए भेजा जाएगा। पिछले वर्ष विस्तारा के साथ विलय के बाद शेष सात बी 787-9 एअर इंडिया के बेड़े में शामिल हुए थे। ड्रीमलाइनर में 18 बिजनेस क्लास सीटें और 238 इकोनमी क्लास सीटें हैं। विमान करीब 8,000 टेकआफ और लैडिंग कर चुका है।
20 अतिरिक्त विमानों का आर्डर
एअर इंडिया अपने बेड़े और विदेशी नेटवर्क का विस्तार कर रही है। उसने 20 अतिरिक्त बी787 विमानों का आर्डर दे रखा और उसके पास 24 अतिरिक्त विमान मंगाने का विकल्प है। हाल ही में इंडिगो ने नार्स अटलांटिक से लीज पर लिए गए बी787 का संचालन शुरू किया है। इंडिगो लंबी दूरी के संचालन के लिए ऐसे कुल छह विमानों को लीज पर लेने वाली है।
एअर इंडिया ने रोका था बेड़े का परिचालन
कुछ वर्ष पहले अमेरिकी निगरानी संस्था फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) ने कुछ समस्याओं के कारण ड्रीमलाइनर की डिलीवरी रोक दी थी। भारत की बात करें तो एअर इंडिया को 2013 में बैटरी में दिक्कत के कारण ड्रीमलाइनर को लेकर कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ा था। इसकी वजह से तत्कालीन सरकारी स्वामित्व वाली एअर इंडिया को भी ड्रीमलाइनर के अपने बेड़े की उड़ानों को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा था। उस समय एयरलाइंस के पास ऐसे लगभग छह विमान थे। एअर इंडिया को इन समस्याओं के लिए बोइंग से मुआवजा भी मिला था।
ड्रीमलाइनर के तीन माडल
ड्रीमलाइनर के तीन माडल 787-8,787-9 और 787-10 हैं। 787-8 माडल की रेंज 13,530 किलोमीटर है। विमान की लंबाई 57 मीटर, ऊंचाई 17 मीटर और विंगस्पैन 60 मीटर है। ड्रीमलाइनर दुनिया भर में 425 से अधिक नान स्टाप रूट शुरू कर चुका है। इनमें से ज्यादातर रूट पर उड़ानें नहीं गईं थीं।

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