सिंधिया महल की सड़क में सुरंग, जमीन के अंदर इतना बड़ा गड्ढा समा जाएगी पूरी कार
ग्वालियर: मध्य प्रदेश की सड़के अमेरिका से अच्छी हैं. कभी ये बात मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते शिवराज सिंह चौहान ने कही थी. लेकिन इन सड़कों की गुणवत्ता का जिक्र कहीं नहीं किया. अब ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा महीने भर पहले बनाई गई सड़क चर्चा में है. सड़क भ्रष्टाचार की पोल खोलती नजर आ रही है. हाल ही में बनकर तैयार हुई सिंधिया महल की सड़क बारिश शुरू होते ही 10 दिन में 7 बार धंस चुकी है. मंगलवार को तो सड़क पर गड्ढे ने गुणवत्ता को उजागर कर दिया, जब डामर से बनी रोड के नीचे मिट्टी ही गायब दिखी.
एक महीने पहले ही बनी थी सड़क
असल में एक महीने पहले ही ग्वालियर में सिंधिया महल से गुजरने वाली सड़क का निर्माण 19 करोड़ की लागत वाले वाटर ड्रेन प्रोजेक्ट के तहत कराया गया था. ये सड़क शहर के चेतकपुरी तिराहे से माधव नगर तक बनाई गई थी. इसे बनाने के लिए करीब साढ़े चार करोड़ रुपये खर्च किए गए. सड़क के नीचे वाटर ड्रेनेज के लिए पाइपलाइन बिछाई गई थी. लेकिन जैसे ही बारिश का सीजन शुरू हुआ, सड़क में हुए भ्रष्टाचार की कलई भी खुलने लगी.
सड़क धंसी, डरावना था अंदर का नजारा
मंगलवार को तो हालात ये हुए कि तेज बारिश के बाद चेतकपुरी-माधवनगर के बीच बनी नई सड़क जगह जगह से ढह गई और उसके नीचे सुरंग के जैसा गड्डा दिखायी दिया. यानी नीचे मिट्टी ही नहीं रही. इन गड्ढों में एक ट्रैक फंस गया वहीं कई राहगीर वाहन चालक हादसे का शिकार होते होते बचे.
रोड की करायी जाएगी जांच
इस पूरे मामले को लेकर जब ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान से बात की गई तो उनका कहना था कि, "इस मामले को लेकर नगर निगम आयुक्त को निर्देशित किया गया है. इस रोड की कोर कटिंग कर सैंपल लैब में भेजा जाएगा. जिससे पता चल सके इस रोड को बनाने के लिए तय मानकों को पूरा किया गया है या नहीं और लापरवाही कहां हुई है जांच में सब सामने आ जाएगा.''

पश्चिम बंगाल चुनाव: बीजेपी ने जारी की चौथी सूची, दूसरी सूची में किया एक बदलाव
पुरातत्व विभाग की नीतियों के खिलाफ बढ़ा विरोध, दिल्ली तक गूंज
अमित शाह का राहुल गांधी पर तीखा हमला, कहा- ‘नक्सलियों के साथ रहते-रहते खुद बन गए’
देश का सबसे बड़ा नक्सल डंप रिकवर, करोड़ों रुपये, सोना-चांदी बरामद
नाबालिग से दुष्कर्म का दोषी बुरी तरह फंसा: 20 साल का कारावास और 40 हजार रुपये जुर्माना
Varanasi में एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन आयोजित
मध्य प्रदेश में महंगाई की मार, 1 अप्रैल से दूध के दाम 5 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ेंगे