शिवपुरी में मंडराया लंपी वायरस का खतरा, अलर्ट मोड पर पशु चिकित्सा विभाग
शिवपुरी: लंपी वायरस ने एक बार फिर से शिवपुरी में दस्तक दे दी है. कई गांवों में पशुओं में लंपी रोग के प्रारंभिक लक्षण पाए गए हैं. इसको देखते हुए पशु चिकित्सा विभाग अलर्ट हो गया है. पशु चिकित्सक का कहना है कि इन पशुओं के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, वहीं एहतियात बरतते हुए प्रशासन ने शिवपुरी में 25 हजार वैक्सीन भेज दिए हैं.
पहले भी वायरस ने दी थी दस्तक
बता दें कि साल 2022 में शिवपुरी जिले के मवेशियों को लंपी वायरस ने चपेट में ले लिया था, जिससे सैकड़ों मवेशियों की मौत भी हो गई थी. यह वायरस एक संक्रामक बीमारी है. इसमें मवेशियों की त्वचा खासकर गर्दन, चेहरे और थूथन पर गांठें निकल आती हैं. पशु सुस्त रहने लगते हैं और खाना-पीना बंद कर देते हैं. उन्हें बुखार आने लगता है और दूध देने वाले पशुओं की दूध देने की क्षमता कम हो जाती है.
पशु पालक ये एहतियात बरतें
- मवेशी में लंपी वायरस जैसे कोई भी लक्षण दिखने पर तत्काल डॉक्टर के यहां ले जाएं.
- यह वायरस मक्खी, मच्छर, कीट पतंगों के माध्यम से दूसरे मवेशी में फैलता है. इसलिए पशुओं के आसपास इन्हें नियंत्रित करने का प्रयास करना चाहिए.
- जहां मवेशी रहते हैं, वहां नियमित सफाई और कीटनाशक का छिड़काव करें.
- यदि कोई पशु लंपी वायरस से पीड़ित है, तो उसे स्वस्थ पशुओं से अलग कर देना चाहिए.
- यदि किसी पशु की लंपी वायरस की चपेट में आने से मौत हो जाती है, तो उसके शरीर को चूना व नमक डालकर गहरे गड्ढे में दबा देना चाहिए.
हरकत में आया स्वास्थ्य विभाग
पशु चिकित्सा विभाग के उप संचालक डॉ. एलआर शर्मा ने बताया, "हमने प्रारंभिक तौर पर सभी विकास खंडों में डॉक्टरों को निर्देश जारी किए हैं कि प्रदेश स्तर से जो एडवाइजरी और निर्देश आए हैं, उनका पालन करने के निर्देश पशुपालकों को दिए जाएं. अभी लंपी बेकाबू वाली स्थिति में नहीं है. पशुपालकों को इस बारे में जागरूक करने के साथ मवेशियों को वैक्सीन लगाना होगा, जिससे कि समय रहते वायरस को काबू किया जा सके."

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