श्वेता बसु प्रसाद ने की हुमा कुरैशी की सराहना, कहा – हमारे लिए मिसाल हैं वो
मुंबई: पॉलिटिकल ड्रामा 'महारानी' के चौथे सीजन में कहानी एक नई डायरेक्शन में बढ़ने वाली है। इस बार सीरीज में जेनरेशन लीप लिया गया है। ऑडियंस को दिखेगी रानी भारती (हुमा कुरैशी) की बेटी रौशनी भारती, जिसकी भूमिका निभा रही हैं अभिनेत्री श्वेता बसु प्रसाद। एक्ट्रेस ने हाल ही में अमर उजाला से बातचीत की और सीरीज को लेकर बात की।
‘जब सुभाष कपूर जी ने कहा कि लीप के बाद तुम्हीं रौशनी बनोगी, तो मैं भावुक हो गई’
अमर उजाला से बातचीत के दौरान, श्वेता कहती हैं, 'मैं महारानी के तीनों सीजन की बहुत बड़ी प्रशंसक रही हूं। जब इस शो के क्रिएटर और राइटर सुभाष कपूर जी से मुलाकात हुई और उन्होंने सीजन 4 के लिए मेरा नाम सुझाया, तो यह मेरे लिए बेहद खुशी की बात थी। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने सीजन 1 में रौशनी भारती का किरदार लिखा था, तब ही मन बना लिया था कि लीप के बाद मुझे कास्ट करेंगे। किसी क्रिएटर का इस तरह का विश्वास एक कलाकार के लिए बहुत बड़ी बात होती है। इस फ्रेंचाइजी की लोकप्रियता, मजबूत लेखन और शानदार परफॉर्मेंस - इन सबने मुझे बहुत आकर्षित किया।
'स्पॉयलर तो नहीं दूंगी, लेकिन....'
अपने किरदार रौशनी भारती के बारे में श्वेता कहती हैं, 'स्पॉयलर तो नहीं दूंगी (हंसती हैं), लेकिन इतना जरूर कहूंगी कि रौशनी, रानी भारती की बेटी है - एक पॉलिटिकल परिवार में पली-बढ़ी, बेहद दमदार और अपने माता-पिता की विरासत को लेकर चलने वाली। इस बार वो पहले से ज्यादा मजबूत, आत्मविश्वासी और प्रभावशाली नजर आएगी।'
'हुमा मेरे लिए हमेशा साकिब की बड़ी दीदी जैसी रही हैं'
हुमा कुरैशी के साथ काम को लेकर श्वेता बसु प्रसाद का अनुभव बेहद खास रहा। वह कहती हैं, 'हुमा बेहतरीन कलाकार हैं और बहुत ही शानदार इंसान भी। मैंने उनके भाई साकिब सलीम के साथ कॉमेडी कपल नाम की फिल्म की थी, तो हुमा मेरे लिए हमेशा साकिब की बड़ी दीदी जैसी रही हैं। हमारी दो-चार बार सोशल मीटिंग्स हुई थीं, लेकिन यह पहली बार था जब हमने साथ काम किया। क्योंकि यह महारानी का चौथा सीजन है, तो यह उनका सेट और उनका शो है। लेकिन उन्होंने कभी यह महसूस नहीं होने दिया कि मैं पहली बार इस शो का हिस्सा बनी हूँ। उन्होंने बहुत वेलकमिंग और पॉजिटिव माहौल बनाया।'
'हुमा ने अपनी उम्र से बड़ी भूमिका ग्रेस के साथ निभाई'
वह आगे जोड़ती हैं, ‘शूटिंग के दौरान हुमा और मेरी जो दोस्ती हुई, वो स्क्रीन पर भी साफ झलकेगी। हुमा बहुत इंस्पायरिंग हैं। उन्होंने जिस कॉन्फिडेंस और ग्रेस के साथ अपनी उम्र से बड़ी भूमिका निभाई है, वो हमारे जैसे कलाकारों और खासकर महिला अभिनेत्रियों के लिए बहुत प्रेरणादायक है। उन्होंने दिखाया कि उम्र नहीं, किरदार मायने रखता है। अगर किरदार अच्छा है, तो उसे निभाने के लिए बस ईमानदारी और हिम्मत चाहिए।’
'आउटसाइडर हूं, लेकिन इस इंडस्ट्री ने हमेशा मुझे काम, इज्जत और प्यार दिया'
अपनी स्क्रिप्ट चॉइस को लेकर श्वेता हमेशा ईमानदार रही हैं। वह स्वीकार करती हैं, 'अगर दिल नहीं मानता, तो मैं प्रोजेक्ट नहीं करती। जैसा मैंने कहा, मैं पहले ऑडियंस हूं, फिर एक्टर। अगर मुझे लगे कि मैं खुद वो फिल्म नहीं देखना चाहूंगी, तो ऑडियंस का वक्त क्यों बर्बाद करूं? मेरी जिम्मेदारी है कि वही प्रोजेक्ट चुनूं जो ऑडियंस को पसंद आए। हिट-फ्लॉप तो किस्मत की बात है, पर इरादा हमेशा ईमानदार होना चाहिए।'
वह आगे जोड़ती हैं, 'मैं खुद को बेहद भाग्यशाली मानती हूं। मैं एक 'आउटसाइडर' रही हूं, लेकिन इस इंडस्ट्री ने हमेशा मुझे काम, इज्जत और प्यार दिया। मुझे कभी ऐसा नहीं लगा कि मुझे मेरी मेहनत का फल नहीं मिला। यहां धैर्य और अनुशासन बहुत जरूरी हैं और अब मुझे लगता है कि मेहनत का असर दिख रहा है।'
'मैंने ‘रिटेक’ लिखी और डायरेक्ट की ... अनुपम खेर के साथ काम करना अद्भुत अनुभव था'
अब श्वेता केवल कैमरे के सामने ही नहीं, बल्कि कैमरे के पीछे भी अपना टैलेंट दिखा रही हैं। वह बताती हैं, 'मैंने 'रिटेक' नाम की एक शॉर्ट फिल्म लिखी और डायरेक्ट की है, जिसमें अनुपम खेर साहब हैं और अप्पलॉज एंटरटेनमेंट ने इसे प्रोड्यूस किया है। मैं फिलहाल नई स्क्रिप्ट्स पर काम कर रही हूं - शॉर्ट फिल्म ही नहीं, बल्कि फीचर फिल्म पर भी। आगे डायरेक्शन जरूर करूंगी, लेकिन एक्टिंग मेरा पहला प्यार है और रहेगा। कैमरे के आगे रहना मेरी पहचान है, वो कभी नहीं छोड़ूंगी।'

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