भोपाल | मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य की भाजपा सरकार पर 'लाड़ली बहनों' के साथ सीधा अन्याय करने और उनके साथ किया गया वादा तोड़कर उनका भरोसा कमजोर करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मांग की है कि प्रदेश सरकार तत्काल यह स्थिति स्पष्ट करे कि लाड़ली बहनों को 3,000 रुपये प्रति माह की दर से बढ़ी हुई राशि का भुगतान कब से शुरू किया जाएगा और इसके साथ ही नई पात्र महिलाओं के लिए पोर्टल पर पंजीयन की प्रक्रिया दोबारा कब से आरंभ होगी।

पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने आगे यह भी कहा कि सूबे की लाड़ली बहनें अब भाजपा सरकार से अपने उस प्रमुख चुनावी वादे का सीधा हिसाब मांग रही हैं, जो विधानसभा चुनाव के दौरान किया गया था। चुनाव से ठीक पहले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली बहनों को धीरे-धीरे सहायता राशि बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रतिमाह देने का वादा किया था, लेकिन आज भी बहनों के खातों में आने वाली सहायता राशि की किस्त केवल 1,500 रुपये पर ही अटकी हुई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब सरकार इन वादों पर बात करने से भी कतरा रही है, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि भाजपा के लिए महिलाओं का सम्मान और उनकी आर्थिक सुरक्षा सिर्फ और सिर्फ चुनाव जीतने तक ही सीमित थी।

'चुनावी रोडमैप नहीं, प्रदेश की जनता को वर्तमान और भविष्य की सुरक्षा चाहिए'

जीतू पटवारी ने ओरछा में चल रही भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि आज मध्य प्रदेश की आम जनता भाजपा से अपने वर्तमान संकट का जवाब मांग रही है, जबकि सत्ताधारी दल केवल आने वाले चुनावों की रणनीति बनाने में व्यस्त है।

उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति ने भले ही साल 2028 का विधानसभा चुनाव कैसे लड़ा जाए, इसका पूरा चुनावी रोडमैप तैयार कर लिया हो, लेकिन आज प्रदेश का बच्चा-बच्चा यह पूछ रहा है कि वर्ष 2026 में इस डूबते मध्य प्रदेश को कैसे बचाया जाएगा? जनता को भविष्य के किसी चुनावी रोडमैप से ज्यादा अपने आज के वर्तमान और सुरक्षित भविष्य की दरकार है।

सोशल मीडिया के जरिए सरकार से दागे तीखे सवाल

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक के बाद एक कई तीखे सवाल पूछते हुए लिखा कि प्रदेश कार्यसमिति की बैठकों के दौर के बाद आज सूबे की जनता भाजपा से यह जवाब चाहती है:

  • बढ़ता कर्ज: राज्य पर लगातार कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है, इस आर्थिक संकट से निपटने के लिए भाजपा सरकार का पास क्या समाधान है?

  • अपराध का ग्राफ: प्रदेश में लगातार अपराध बढ़ रहे हैं, ऐसे में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर गंभीर आत्ममंथन क्यों नहीं किया जा रहा है?

  • भ्रष्टाचार पर मौन: सूबे में व्याप्त करप्शन और कमीशनखोरी पर भाजपा का यह 'आपराधिक मौन' क्यों बना हुआ है?

  • रोजगार की मांग: प्रदेश का युवा दर-दर भटककर नौकरी मांग रहा है, लेकिन सरकार उनके भविष्य को संभालने के बजाय जन-रेशन-जेड (Gen-Z) से वोट मांगने में लगी है।

  • किसान संकट: मध्य प्रदेश का अन्नदाता किसान भारी संकट के दौर से गुजर रहा है, उसकी आय, फसल के उचित दाम और लागत पर कार्यसमिति में चर्चा क्यों नहीं की गई?

  • महिला सुरक्षा: प्रदेश की महिलाएं और बेटियां लगातार सुरक्षा की गुहार लगा रही हैं, लेकिन बीजेपी उनकी सुरक्षा को लेकर कोई ठोस संकल्प क्यों नहीं ले रही है?

अंत में जीतू पटवारी ने जनता की पीड़ा को बयां करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश की आवाम आज त्रस्त और परेशान है, और एक तरफ जहां जनता यह सोच रही है कि साल 2026 में इस प्रदेश को कैसे बचाया जाए, वहीं बेपरवाह भाजपा केवल 2028 की सत्ता हथियाने का चुनावी रोडमैप बनाने में मशगूल है।