पूर्वी दिल्ली: पूर्वी दिल्ली के रानी गार्डन इलाके में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने दो दिनों तक चले एक बड़े तोड़फोड़ अभियान के दौरान सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर बसाई गई लगभग 50 झुग्गियों और एक नर्सरी को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। इसके साथ ही इस क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित की जा रही पार्किंग को भी पूरी तरह से हटा दिया गया है, जिस पर लोगों ने लंबे समय से कब्जा जमा रखा था।

कड़कड़डूमा कोर्ट से स्टे हटने के बाद जिला प्रशासन और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई

जानकारी के मुताबिक, इस जमीन के मामले पर पहले कड़कड़डूमा अदालत की ओर से रोक (स्टे) लगाई गई थी, जिसके हटते ही डीडीए ने जिला प्रशासन और दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त रूप से इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान लगभग तीन बीघा बेशकीमती जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया और डीडीए ने मौके पर अपने आधिकारिक बोर्ड लगाकर जमीन को अपने नियंत्रण में ले लिया है।

करोड़ों रुपये की जमीन को कराया गया मुक्त, भविष्य में किसी भी तरह के दोबारा कब्जे को रोकने के लिए किए गए गड्ढे

गांधी नगर के एसडीएम जितेंद्र सिंह ने बताया कि डीडीए की इस करोड़ों रुपये की जमीन पर लोगों ने अनाधिकृत कब्जा कर रखा था। अदालत से स्थगन आदेश समाप्त होने के बाद बुधवार और बृहस्पतिवार को लगातार दो दिनों तक यह अभियान चलाया गया। जमीन को पूरी तरह सुरक्षित करने के लिए मशीनों की सहायता से वहां कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे कर दिए गए हैं ताकि भविष्य में दोबारा अवैध कब्जा न हो सके।

शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ अभियान, रानी गार्डन और आसपास के अन्य क्षेत्रों में भी जल्द होगी कार्रवाई

इस ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान किसी भी प्रकार के विरोध या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया था, जिसके चलते पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हुई। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, डीडीए आने वाले कुछ ही दिनों में रानी गार्डन के अन्य हिस्सों और आसपास की अन्य सरकारी जमीनों पर भी इसी प्रकार का अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है।