रुपये की ताकत से डॉलर हुआ धराशाई, एशिया में गूंज उठा असर
शुक्रवार सुबह डॉलर के मुकाबले में रुपया गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था, लेकिन बाजार बंद होने तक एशिया में एक बार फिर से रुपए ने पूरी दुनिया को अपनी ताकत का अहसास करा दिया. रुपए में 20 पैसे का जबरदस्त उछाल देखने को मिला और 87 के लेवल से नीचे चला गया. वैसे कुछ दिनों से रुपए में गिरावट देखने को मिल रही थी. लेकिन आरबीआई लगातार रुपए को उठाने का प्रयास कर रहा है. आंकड़ों पर बात करें तो इंटरबैंक फॉरेन करेंसी एक्सचेंज मार्केट में शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 20 पैसे उछलकर 86.92 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ.
अगर इस तेजी के कारणों की बात करें तो अमेरिकी डॉलर इंडेक्स के अपने पांच महीने के निचले स्तर पर आने तथा मांग में नरमी के अनुमान के कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट की वजह से रुपए में तेजी देखने को मिली. विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि हालांकि, अस्थिर घरेलू शेयर बाजार की धारणा और विदेशी पूंजी की सतत निकासी से घरेलू मुद्रा पर दबाव पड़ा. उन्होंने कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशकों की निकासी का कारण दुनिया भर में शुल्क को लेकर अस्पष्टता की वजह से जोखिम से बचने की प्रवृत्ति में वृद्धि है.
रुपए में जबरदस्त तेजी
इंटरबैंक फॉरेन करेंसी एक्सचेंज मार्केट में रुपया 87.13 पर खुला और कारोबार के दौरान 87.22 प्रति डॉलर के निचले स्तर पर पहुंच गया. बाद में रुपया 86.88 प्रति डॉलर तक मजबूत होने के बाद कारोबार के अंत में 86.92 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ, जो पिछले बंद स्तर से 20 पैसे की मजबूती है. गुरुवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले छह पैसे गिरकर 87.12 पर बंद हुआ था. इससे पहले लगातार तीन सत्रों में इसमें 31 पैसे की तेजी आई थी. इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर सूचकांक 0.43 प्रतिशत घटकर 103.58 पर रहा. वायदा कारोबार में वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.41 प्रतिशत बढ़कर 70.44 डॉलर प्रति बैरल हो गया लेकिन फिर भी यह छह माह के निचले स्तर पर बना रहा.
क्या कहते हैं जानकार
मिराए एसेट शेयरखान के रिसर्च एनालिस्ट, मोहम्मद इमरान ने कहा कि कच्चे तेल में मुनाफावसूली से कीमतें बढ़ी हैं. इमरान ने कहा कि आर्थिक आंकड़े भी कच्चे तेल की मांग के लिए उत्साहजनक नहीं हैं क्योंकि जनवरी-फरवरी की अवधि में चीन का आयात सालाना आधार पर पांच प्रतिशत घटकर कुल 8.38 करोड़ टन रह गया. उन्होंने कहा कि इसका मतलब है कि औसतन इंपोर्ट एक करोड़ 4.2 लाख बैरल प्रति दिन (बीपीडी) है, जो जनवरी-फरवरी 2024 में एक करोड़ 12.6 लाख बैरल प्रतिदिन से कम है.
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
घरेलू शेयर बाजार में 30 शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 7.51 अंक फिसलकर 74,332.58 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 7.80 अंक बढ़कर 22,552.50 अंक पर बंद हुआ. शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे. उन्होंने बृहस्पतिवार को 2,377.32 करोड़ रुपए के शेयर बेचे.

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