मादुरो को हटाने के बाद भी अमेरिका ने तेल के पांचवे टैंकर पर किया कब्जा
oil वाशिंगटन। निकोलस मादुरो (Nicolas Maduro) को घर से उठाने के बाद भी अमेरिकी सेना (US Army) का वेनेजुएला पर हमला कम नहीं हुआ है। सोमवार को एक वीडियो फुटेज जारी करते हुए बताया कि उन्होंने वेनेजुएला से आने-जाने वाले एक और तेल टैंकर को जब्त कर लिया है। यह पिछले कुछ दिनों में अमेरिका द्वारा कब्जे में लिया गया वेनेजुएला का पांचवा टैंकर है।
अमेरिकी सेना की दक्षिणी कमान के मुताबिक यह कार्रवाई अमेरिकी मरीन और नौसेना कर्मियों द्वारा की गई। वेनेजुएला के ओलिना नामक पोत को जब्त करने की घोषणा करते हुए सेना ने लिखा कि अब अपराधियों के लिए कोई भी ठिकाना सुरक्षित नहीं है। अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी की सचिव क्रिस्टी नोएम ने भी कैरिबियाई सागर के पास इंटरनेशनल जलक्षेत्र में जब्त किए गए मोटर टैंकर को अपराधियों के लिए एक कड़ी चेतावनी करार दिया।
सोशल मीडिया साइट एक्स पर सेना ने एक वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें जिसमें एक अमेरिकी हेलीकॉप्टर को पोत पर उतरते हुए और अमेरिकी कर्मियों द्वारा पोत की तलाशी लेते हुए देखा जा सकता है। अमेरिकी सेना द्वारा जब्त किया गया ओलिना, पांचवां टैंकर है और यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा वेनेजुएला के तेल उत्पादों के वैश्विक वितरण को नियंत्रित करने के व्यापक प्रयास के तहत की गई है। खासकर ऐसे समय में जब राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अचानक सत्ता से हटाया गया है।
रुसियों को रिहा करने के फैसले का मॉस्को ने किया स्वागत
इससे पहले जब्त किए गए टैंकर मेरिनेरा पर सवार दो रूसी नागरिकों को अमेरिका ने रिहा करने का फैसला किया है। इस फैसले का स्वागत करते हुए रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने एक बयान में कहा, ‘‘हमारे अनुरोध के जवाब में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तरी अटलांटिक में एक अभियान के दौरान अमेरिका द्वारा जब्त किये गए टैंकर मेरिनेरा के चालक दल के दो रूसी नागरिकों को रिहा करने का फैसला किया है।’’
मंत्रालय के टेलीग्राम चैनल पर जारी बयान में जखारोवा ने कहा, ‘‘हम इस फैसले का स्वागत करते हैं और अमेरिकी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।’’
गौरतलब है कि उत्तरी अटलांटिक महासागर में अमेरिकी तटरक्षक बल ने रूसी ध्वज वाले टैंकर मेरिनेरा (जिसे पहले बेला-1 के नाम से जाना जाता था) को बुधवार को जब्त कर लिया था। इस पर 17 यूक्रेनी नागरिक, छह जॉर्जियाई नागरिक, तीन भारतीय नागरिक और दो रूसी नागरिक सवार थे।’’ तीन भारतीयों सहित चालक दल के अन्य सदस्यों के भविष्य को लेकर अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

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