स्क्रैप चोरी कांड में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लंबे समय से चल रहे रैकेट का पर्दाफाश
भिलाई| छत्तीसगढ़ के भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) से करोड़ों रुपये की कीमत का लौह स्क्रैप चोरी होने के मामले में पुलिस की ताबड़तोड़ तफ्तीश से नित नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। शुरुआती जांच से यह साफ हो गया है कि यह किसी सामान्य चोर गिरोह का काम नहीं था, बल्कि भिलाई स्टील प्लांट के भीतर और बाहर लंबे समय से एक बेहद मजबूत और संगठित सिंडिकेट सक्रिय था। इस सिंडिकेट ने सुनियोजित तरीके से सरकारी संपत्ति की चोरी कर संयंत्र को करोड़ों रुपये का भारी-भरकम चूना लगाया है।
नेपाल सीमा से पकड़ा गया मास्टरमाइंड, 3 करोड़ से ज्यादा का सामान जब्त
इस पूरे मामले का भंडाफोड़ तब हुआ, जब 26 मई को भिलाई-3 थाना पुलिस ने ग्राम अकलीरहीह में एक बड़े ठिकाने पर छापा मारा। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से करीब 250 टन चोरी का लौह स्क्रैप, फ्लू डस्ट, कई भारी वाहन, बैकहोलोडर (जेसीबी) और अन्य आधुनिक मशीनें बरामद कीं। जब्त की गई इस पूरी खेप और मशीनरी की कुल बाजार कीमत करीब 3 करोड़ 22 लाख रुपये आंकी गई थी।
मामले की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस ने इस पूरे सिंडिकेट के मुख्य सरगना संजय सिंह को भारत-नेपाल सीमा के पास से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही स्क्रैप की नापतौल करने और उसे अवैध रूप से बाजार में बेचने की तैयारी में जुटे उसके एक अन्य प्रमुख साथी आकाश सिंह को भी पुलिस ने दबोच लिया है।
प्लांट के अंदर से ही चल रहा था अवैध नेटवर्क, 6 महीने में 17 करोड़ की चोरी
पुलिसिया जांच में जो सबसे सनसनीखेज बात सामने आई है, वह यह कि बीएसपी प्लांट के भीतर ही 'फ्लू डस्ट परिचालन' की आड़ में इस सिंडिकेट का एक गुप्त और अवैध दफ्तर संचालित हो रहा था। इसी दफ्तर से बैठकर पूरे नेटवर्क को ऑपरेट किया जाता था और बीएसपी के भीतर से स्क्रैप बाहर भेजा जाता था। पुलिस ने इस दफ्तर पर धावा बोलकर वहां की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई है, जिससे कई अहम और पुख्ता डिजिटल साक्ष्य हाथ लगे हैं।
पुलिस डायरी के अनुसार, इस सिंडिकेट ने पिछले महज छह महीनों के भीतर भिलाई इस्पात संयंत्र से 3,250 टन से भी ज्यादा कीमती लोहा चोरी छिपे बाहर निकालकर खुले बाजार में खपा दिया है। इस चोरी गए लोहे की अनुमानित कीमत 17 करोड़ 87 लाख 50 हजार रुपये बताई जा रही है। जांच में इलाके के कुछ नामी हिस्ट्रीशीटरों और सफेदपोशों की भूमिका भी खुलकर सामने आ रही है।
13 आरोपी अब तक गिरफ्तार, इनामी बदमाशों समेत कई संदिग्धों की तलाश जारी
इस महाघोटाले और चोरी कांड में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। मामले से जुड़े अन्य सह-आरोपियों जैसे हिमांशु खंडेलवाल, गिरीश खंडेलवाल, जान सलीम और 10 हजार रुपये के घोषित इनामी अपराधी अभय सिंह समेत कई अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
दुर्ग रेंज के आईजी अभिषेक शांडिल्य ने मामले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस अब तक इस सिंडिकेट से जुड़े 13 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि जो भी रसूखदार लोग पर्दे के पीछे रहकर इस पूरे काले कारोबार को संरक्षण दे रहे थे या इसे संचालित कर रहे थे, वे सभी पुलिस के रडार पर हैं। पुख्ता सबूत जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही इस मामले में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां देखने को मिलेंगी।

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