यूपी में हैरान कर देने वाला मामला: बेटी के दूल्हे से सास ने रचाई शादी
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में एक शादी इन दिनों खूब चर्चा में बनी हुई है. कारण है इस शादी की फिल्मी कहानी. दरअसल, एक विधवा महिला अपनी बेटी के लिए दूल्दा तलाश रही थी. कई रिश्ते देखे, लेकिन कहीं बात न बनी. महिला चाहती थी कि उसकी बेटी के लिए एक परफेक्ट दूल्हा मिले. एक घर पर जाकर उसकी यह तलाश खत्म हुई. यहां एक युवक उस महिला को अपनी बेटी के लिए भा गया. बात बनी तो महिला ने युवक का फोन नंबर लिया. फिर दोनों में बात होने लगी. लेकिन यहां तो कुछ और ही खिचड़ी पकने लगी. सास को अपने होने वाले दामाद से ही प्यार हो गया.
सास ने एक रोज होने वाले दामाद से पूछ ही लिया- क्या तुम मुझसे शादी करोगे? दामाद ने भी बिना देर किए उसे हां कह दिया. जैसे ही असली दुल्हन को यह बात पता चली तो वो दंग रह गई. उसने जो कदम उठाया, उससे हर कोई दंग रह गया.
मामला बंडा के देवकली अंतर्गत रंमस्तपुर क्षेत्र का है. यहं एक महिला के पति का तीन साल पहले निधन हो गया था. तभी से वह अपनी बेटी के साथ रह रही थी. बेटी शादी के लायक हुई तो महिला ने उसके लिए योग्य वर की तलाश में थी. कई जगह पर उसने लड़के देखे लेकिन बात नहीं बनी. इसी सिलसिले में महिला शाहजहांपुर के पास एक गांव में रिश्ते के लिए गई थी, जहां एक युवक उसे अपनी बेटी के लिए सही लगा.
सास ने किया दामाद को प्रपोज
महिला ने उस युवक से बेटी का रिश्ता तय कर दिया. इसके बाद महिला ने युवक का मोबाइल नंबर ले लिया और फिर दोनों की फोन पर बातचीत होने लगी. पहले दोनों दोस्त बने और फिर एक-दूसरे को दिल दे बैठे. इसके बाद महिला ने युवक से शादी की बात की और युवक ने भी हामी भर दी. इसके बाद महिला ने अपनी बेटी को पूरी बात बताई.
सास-दामाद ने कर ली शादी
बेटी ने भी मां की भावनाओं को समझते हुए साथ देने का फैसला किया. बेटी ने खुद अपनी मां को इस रिश्ते और विवाह के लिए प्रेरित किया. इसके बाद करीब चार दिन पहले दोनों ने शाहजहांपुर के एक मंदिर में वरमाला डालकर विवाह कर लिया. वहीं जब शादी करके महिला गांव पहुंची तो हर कोई हैरान रह गया. कोई यह मानने को तैयार नहीं था कि बेटी की शादी के लिए निकली महिला खुद दुल्हन बनकर लौटी. यह शादी अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है. वहीं, दूल्हा-दुल्हन इस शादी से बेहद खुश हैं.

नोहलेश्वर महोत्सव आस्था के साथ संस्कृति, परम्परा और सामाजिक समरसता का उत्सव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
जनगणना से ही समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की रणनीति होती है तय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सामूहिक विवाह सबसे उत्तम, खर्चीली शादियों से बचें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
ग्वालियर कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त की जनगणना में सराहनीय भूमिका
सेवा, समर्पण और संकल्प के साथ करें कार्य : राज्यपाल पटेल
भारत भवन सिर्फ एक भवन नहीं, जीवन की रचना है, अतीत हो रहा है पुन: जीवंत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
DGCA ने Air India पर लगाया 1 करोड़ का जुर्माना
अवैध बूचड़खानों के खिलाफ हिंदू संगठन का निगम घेराव, पुलिस रोकने पर हनुमान चालीसा पाठ