‘ये TMC का ही करा-धरा है…’ हत्या मामले पर भड़के Purandar Mishra
मध्यग्राम: बंगाल में चुनावी नतीजों के बाद खूनी खेल, सुवेंदु अधिकारी के पीए की सरेआम हत्या से मचा हड़कंप
मध्यग्राम (पश्चिम बंगाल)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद राज्य में हिंसा का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार रात एक सनसनीखेज वारदात में भाजपा के दिग्गज नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने मध्यग्राम में उनकी गाड़ी को रोककर उन पर ताबड़तोड़ 10 राउंड फायरिंग की। इस घटना के बाद पूरे बंगाल में राजनीतिक तनाव चरम पर पहुँच गया है।
वारदात का तरीका: सरेराह बरसाईं गोलियां
मिली जानकारी के अनुसार, हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे। उन्होंने चंद्रनाथ रथ की कार को बीच रास्ते में रुकवाया और अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। लहूलुहान हालत में उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने पूरे इलाके में नाकेबंदी कर दी है और हमलावरों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
"रावण के अत्याचार के विनाश के लिए राम आए" — बीजेपी का तीखा पलटवार
इस हत्याकांड के बाद छत्तीसगढ़ के भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा:
"यह निश्चित तौर पर टीएमसी की ही साजिश है क्योंकि जनता उन्हें नकार चुकी है। जिस तरह रावण के अत्याचार के विनाश के लिए प्रभु राम को 14 वर्ष का वनवास झेलना पड़ा था, वैसे ही हम सनातन की राह पर चलने वाले लोग इस अधर्म का सामना करेंगे। हम उन छोटे कार्यकर्ताओं के साथ खड़े हैं जिन्होंने बीजेपी को सींचा है।"
सवालों के घेरे में कानून व्यवस्था
बंगाल में नतीजों के बाद हुई यह पहली हत्या नहीं है। इससे पहले भी तीन अलग-अलग घटनाओं में दो टीएमसी और एक भाजपा कार्यकर्ता की जान जा चुकी है। सुवेंदु अधिकारी, जिन्होंने भवानीपुर की हाई-प्रोफाइल सीट पर ममता बनर्जी को मात दी है, उनके करीबी की हत्या ने राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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